Tuesday, May 04, 2010

हे प्रिये

             
हे प्रिये, तुम्हारे लिए,
 तोड़ लाऊं, चाँद तारे,
पर यह प्रकृति के विरुद्ध होगा,
बेवजह हि भग्वान और मुझमे युद्ध होगा,
और मैं  जानता हूँ,
निश्चित ही मेरी जीत होगी,
क्यूंकि मेरे संग तुम्हारी प्रीत होगी,
भग्वान को भी मेरे प्यार के आगे,
हारना पड़ेगा या फिर
संधि के लिए विचारना पड़ेगा,
पर मैं स्वयं नहीं चाहता कि आसमान से
चाँद तारे लुप्त हो जाएँ,
और सारे प्रेमियों के चक्षु
अश्रु युक्त हो जाये !

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